कामकाजी आदमी ---- संविधान को मानते हो ?
https://www.gktoday.in/gk/process-of-creation-of-new-states-and-changes-in-names-of-states-in-india/
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- क्या बात करते हो यार..... एकदम मानते हैं।
कामकाजी आदमी ---- अच्छा, जब केंद्र या राज्य सरकार कोई काम संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तिओं के प्रयोग से करे तो वो उचित है या अनुचित?
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- बड़ा विचित्र आदमी हो यार ! मने कुच्छो बोल देना है। अरे! संविधान ही इस देश का एकमात्र ग्रन्थ है जिसे हर भारतीय नागरिक को मानना ही मानना है।
कामकाजी आदमी ---- पक्का .... तुमको लगता है कि सबसे मनवाया जा सकता है।
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- काहे नहीं ?
कामकाजी आदमी ---- अच्छा छोड़ो, उस बात पर बाद में आएंगे नहीं तो मामला सांप्रदायिक हो जाएगा। तुमको ख़ूब अच्छे से पता है कि किनके लिए कौन सा ग्रन्थ सर्वोपरि है। इसलिए आते हैं उसी बात पर।
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- अरे यार! कह त दिए कि संविधानिक तरीके से किया गया कोई भी काम ग़लत नहीं हो सकता।
कामकाजी आदमी ---- एकदम्मे rancho हो तुम भी, बड़े काम का बन्दर, मारे तो धरमेंदर नाचे तो जीतेन्दर type. मने की सब बतवा तुम्हीं को बोलना है।
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- साफ़-साफ़ बको न यार, इतना टाइम नहीं है हमरे पास। जाना है facebook पर क्रान्ति लाने, सरकार को बिना जाने बुझे हर बात में गरियाने ताकि मेरे अंदर का जागरूक नागरिक कहीं waste न हो जाए।
कामकाजी आदमी ---- हाँ, हाँ एकदम जाओ। 6 से 8 घंटा रोज़ facebook पर क्रांति का बिगुल बजाना कोई हंसी ठट्टा थोड़े न है लेकिन जाने के पहले नीचे एक लिंक है उसको पढ़ लेना जब श्रद्धा हो। कोई शहर या राज्य तुमरा 80 cc का मोपेड नहीं है कि जब चाहे उसका नाम 'रामप्यारी',' रामदुलारी' या danger boy, 'काल का भक्त' टाइप्स बदलते रहो, समझ्यो की नहीं। इसके लिए पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है बाबू। फिलहाल भारतवर्ष में कोई भी सत्ता किसी शहर या राज्य का नाम मोपेड या अपने पालतू कुत्ते की तरह नहीं बदल सकता और अगर किसी शहर का नाम बदला है तो वह संविधान के दायरे में ही बदला है।
फेसबूकिया क्रन्तिकारी ---- लेकिन उसका जरुरत क्या था, भले संविधान के दायरे में ही बदला हो।
कामकाजी आदमी ---- एक काम कल्लो बेटा, जनता के द्वारा चुनी गयी सरकार क्या चाहती है ये भी तुम facebook पे ही बैठ के तय करो, ठीक है। तुमरे जैसे लोगों को गैंग ऑफ़ वासेपुर part 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7.......बनाना चाहिए, बहुत्ते rise करोगे।
No comments:
Post a Comment